प्रश्नोत्तर P3-0104 · भाग 3
आपने बताया मानव के पास योग है — योग क्या है?
योग का मतलब अपने आप को साधना। योग का मतलब होता है जुड़ाव; योग के द्वारा उस जुड़ाव को छोड़ देना, खत्म कर देना — समझने के लिए यह भी व्याख्या कर सकते हैं। हमें योग इसलिए करना है कि हम जिनसे योग में गए हैं, जिनसे जुड़ गए हैं, उनसे अपने आप को छुड़ा लें — बस यही है योग।
अब यह कैसे होगा — देख लो, आपके पास शुद्ध जल होना चाहिए, कोई भी साबुन ले लो, कपड़े धो लो; ब्रांड के चक्कर में क्यों पड़ते हो? जैसी आपकी क्षमता, वैसा साबुन ले लो; कोई न मिले तो पीली मिट्टी में भिगो दो, कपड़े धुल जाते हैं। प्रकृति स्वयं गुरु है, आप खोजी तो बनो। खोजी बनना जरूरी है। मुझे पक्का पता है कि अगर आप खोजी हो तो पहुंचना पक्का, दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती; और अगर आप खोजी नहीं हो तो दुनिया की कोई ताकत आपको पहुंचा नहीं सकती।
इस दुनिया में एक योगी है, एक चोर है, एक भोगी है, एक रोगी है — इनमें सफल योगी होता है, क्योंकि वह स्वयं की खोज के लिए निकला था। चोर किसी का पॉकेट मारने, धन के लिए निकला था; भोगी भोग करने के लिए; रोगी अपना रोग ठीक करने के लिए। मिलता सबको है, लेकिन सफल एक ही होता है — योगी।
सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें
वीडियो: मां नर्मदा के किनारे सत्संग _ सतगुरु क्या होता है ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2025-02-01