प्रश्नोत्तर P3-0033 · भाग 3
असली-नकली जरूरतमंद पहचान मुश्किल; धर्म का डर — दान न करूं तो भगवान नाराज / करूं तो फंसूं। डर कैसे निकाले?
डरने की जरूरत नहीं — जानबूझकर नहीं किया, खुद संशय में हो। जरूरतमंद आ जाए तो कर्तव्य है जरूरत पूरी करना — शौक नहीं। नहीं करोगे बद्दुआ भी लग सकती है। मानव शरीर सहयोग के लिए मिला। जरूरतमंद पक्का समझकर छोड़ो तो बद्दुआ; देख लिया एक-दूसरे को तो अंदर से निकलती है। समझ न बना कि जरूरत है तब नहीं। सूझबूझ के साथ नहीं कर रहे तो गिर रहे।
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वीडियो: क्या यह सत्कर्म है ? योगीजी_का_सत्संग · 2025-12-15