प्रश्नोत्तर P3-0028 · भाग 3
अमेरिका में ट्रक चलाते हुए होमलेस जरूरतमंदों को रेस्टोरेंट में ले जाकर जो मांगे वो ऑर्डर करवाता हूं — वे नॉनवेज-सोडा लेते हैं; कभी खुद वेज दे देता हूं। क्या ये सत्कर्म है? उनकी मर्जी से नॉनवेज कराना चाहिए या अपनी मर्जी से शाकाहारी देना?
जब दे रहे हो तो सदुपयोग के लिए दो, अपने तरीके से — उनके तरीके से नहीं। जरूरतमंद की जरूरत देखकर दो; नहीं लेते तो जरूरत नहीं। जरूरतमंद शोक नहीं भूख देखेगा, आदेश नहीं करेगा। शुद्ध शाकाहारी कराओ; और व्यंजन मांगे तो बोलो कमा के खाओ — जरूरतमंद हो ही नहीं। जरूरतमंद सिर्फ जरूरत बताता है, आदेश नहीं देता। ताकत का उपयोग करते समय देखो सामने वाला सदुपयोग करे। डर के सत्कर्म मत करो। खुद ऑर्डर कर रहा है मतलब जरूरत नहीं — कल भी वेट करेगा। जरूरतमंद भोजन ग्रहण कर लेगा नहीं तो कमाएगा। नॉनवेज देना ही नहीं — भागीदार न बनो; शाकाहारी दो, करे तो ठीक नहीं तो कोई बात नहीं। नाटक वही करेगा जिसे जरूरत नहीं।
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वीडियो: क्या यह सत्कर्म है ? योगीजी_का_सत्संग · 2025-12-15