प्रश्नोत्तर P3-0020 · भाग 3
कृपा किसको, किस पर करनी है? परिवार-समाज में ईमानदारी से सब देकर भी जब टूटता हूं तो करुणानिधि से कृपा मांगता हूं; भाव कुछ दिन ठहरता है फिर वैराग्य ढीला पड़ जाता है और वही रूटीन। भाव स्थिर रखने के लिए कृपा उन पर बरसे या मुझे खुद पर कृपा करनी है?
पहले कृपा को समझो। कैदी को सजा फिक्स है। कृपा कब? अच्छे आचरण से सजा कम — पश्चाताप, सेवा, अच्छा बर्ताव। गंदा आचरण वाला आवेदन दे, अच्छे वाले ने सिर्फ अच्छा आचरण किया — कृपा आवेदन वाले पर नहीं, आचरण वाले पर। गलतियों पर पश्चाताप करो, समाज में ईमानदारी-सत्कर्म से जियो — कृपा होगी, मांगना नहीं पड़ेगा।
सफर में परोसने वाले को कभी 20, बड़वानी में कहा 100 दो — गुड बिहेवियर, सच्चाई, मानवता; उसने 100 मांगे नहीं। कृपा मांगनी नहीं पड़ती; मेहनत-ईमानदारी-सत्कर्म से कृपा बरसती है — नहीं लोगे तो भी जबरदस्ती देगा। गंदा आचरण वाला कितना आवेदन करे सजा माफ नहीं; सज्जन बोले भी न बोले जेलर खुद पहुंच जाएगा। कृपा प्रयास-कर्म से, मांगने से नहीं।
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वीडियो: कृपा किसको, किस पर करनी है ? #योगीजी_का_सत्संग · 2026-01-03