आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P21-0109 · भाग 21

गुरु जी, आत्मज्ञान तक पहुंचने के बाद क्या मैं उसे (परमात्मा को) जान सकता हूं, या वह मुझे जानने का रास्ता देगा?

दोनों बातें एक ही हैं। जब आप जानने लायक हुए तो वो अपने आप को जनवाने लगता है। जैसे मादा के गर्भ से बच्चे का जन्म होता है — आप ये कह सकते हो कि मां पहले बनी, बाप बाद में? नहीं; दोनों घटना एक ही है, दुनिया के लिए मां अलग है, बाप अलग, पर बच्चे के लिए मां-बाप एक ही हैं। वैसे ही वो मुझे जनवाए, मैं उसे जानूं — ये दोनों अलग नहीं। आप बस वहां पहुंचो, उसमें अंतर भी नहीं है।

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