प्रश्नोत्तर P20-0156 · भाग 20
कोई तारीफ करे तो अच्छा लगना और बुराई करे तो बुरा लगना — क्या दोनों गलत हैं?
जब अपने तरीके वाला हिसाब छोड़ दिया, तब न गुस्सा आता है, न कोई अच्छा बोले तो कुछ अच्छा लगता है। पहले होता था "अरे मेरे बारे में अच्छा बोला", और कोई अनाप-शनाप बोले तो बुरा — ये दोनों बाहर से हैं, दोनों गलत। उसमें तुम नहीं हो, तुम होकर भी नहीं हो, क्योंकि कामनाएं हैं।
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वीडियो: काम क्रोध मद मोह लोभ से कैसे मुक्त हो सकते है? Freedom from Lust, Anger, Pride, Greed, & Attachment. · 2026-03-06