आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P20-0103 · भाग 20

समझने के बाद भी बार-बार वही गलती क्यों हो जाती है?

एक बार गलती हुई तो चलो ठीक है; दूसरी बार हुई तो मतलब वह लापरवाह है — जहां जा रहा है उसकी वैल्यू नहीं पता। अगर मुझे लगे कि वहां जाना जरूरी है, उसके बिना मेरा काम नहीं चलेगा, तो मैं गलती नहीं करूंगा, पूरी तरह सचेत रहूंगा, ऐसा काम नहीं करूंगा जो गुरु को पसंद न आए। पहले गुरु शिष्य की बड़ी परीक्षा लेते थे; योग्य गुरु को भीड़ नहीं, जिज्ञासु चाहिए — उसके पास भीड़ आती है पर टिकती नहीं।

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वीडियो: ऐसा क्या करूं, जो तेरी सेवा हो पाए ? #योगीजी_का_सत्संग · 2025-09-02