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प्रश्नोत्तर P19-0167 · भाग 19

गुरु जी, समाज कल्याण के लिए निकले महापुरुषों को इतना कष्ट क्यों सहना पड़ता है?

इतिहास उठाओ — जितने लोग समाज कल्याण के लिए निकले, उनके शरीर के साथ बहुत दुख हुआ। बात बड़े-छोटे लक्ष्य की नहीं है; समाज कल्याण का भाव अपने आप पैदा होता है, यह आंतरिक प्रबल भाव है, बनाया नहीं जा सकता। अंदर से अपना कल्याण चाह रहे हो और बाहर से जबरदस्ती कहो कि समाज कल्याण के लिए निकले — ऐसा नहीं होता। जिनके अंदर से समाज कल्याण का भाव निकलता है, उन्हें बहुत कष्ट का सामना करना पड़ता है; जिन्हें पहले अपना कल्याण करना है और बाद में हुआ तो समाज का भी करेंगे, उन्हें कम।

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वीडियो: ब्रह्म जीव और माया में क्या भेद है ? #yogijikasatsang #aadhyatmik_satsang #livesatsang #gyan · 2024-12-26