आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0103 · भाग 19

गुरु जी, कहते हैं भगवान किसी भी रूप में आ जाते हैं। हमारे सामने भगवान आते हैं तो हम उन्हें पकड़ क्यों नहीं पाते?

जब आप बहुत परेशान हो — प्यास लगी है, जेब में पैसे हैं पर आसपास कुछ नहीं — और एक आदमी बोतल देकर कहे "पी लीजिए", उस समय वह भगवान ही लगता है। ट्रेन छूटने वाली हो और कोई सही प्लेटफार्म बता दे, तो वह भगवान ही लगता है। आप भी किसी भूखे को भोजन कराओ तो जब तक उसका पेट नहीं भरता, आप उसके लिए भगवान हो। तो भगवान कौन? जो जरूरत में सहायता दे, और सहायता समर्थवान व्यक्ति करता है। देखो कितनों के लिए आप भगवान बने और कितने आपके लिए बने। और जो अपने आप को निकाल दे, वह सबसे समर्थवान है — वही भगवान है।

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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19