आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0086 · भाग 19

गुरु जी, हमारा जीवन इतना घुटन में क्यों है?

क्योंकि ज्यादातर हमने जीवन मतलब में बिताया है — हमने एक दूसरे को यूज़ किया है। अगर कोई हमारे काम आया तो वह अच्छा, नहीं आया तो बुरा। देखोगे तो हमने एक दूसरे का यूज़ ही किया है, इसीलिए आज जीवन घुटन में है। जहां लेनदेन नहीं, मतलब नहीं, वहां ना राग है ना द्वेष — वहीं से घुटन मिटती है।

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वीडियो: भगवान और परमात्मा में क्या अंतर है ?#yogijikasatsang #प्रत्यक्षज्ञान #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-07-19