प्रश्नोत्तर P19-0081 · भाग 19
गुरु जी, अब मुक्ति-मोक्ष दे दो — जवानी में ऊर्जा गंवा दी, शरीर की ताकत नहीं।
तेरे पास क्या है? धन नहीं, शरीर भी नहीं — जवानी भोग में गवा दी तो अब कुछ नहीं होगा क्योंकि ऊर्जा खत्म। अगला शरीर पहले ले — पता नहीं भोग वाला मिलेगा या योग वाला, 84 लाख योनियों का लपेट। कर्ता का अधिकार मानव में है। अपनी ऊर्जा का सदुपयोग करो। सामने उदाहरण — रो रही है मुक्ति मांग; क्यों जवानी नहीं निकली?
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वीडियो: हरियाणा सोनीपत में तीन दिवसीय सत्संग का आखिरी दिन 21 जुलाई 2026 #योगी · 2026-07-23