प्रश्नोत्तर P19-0053 · भाग 19
गुरु जी, परम पारंपरिक धर्म और संन्यास — आप जैसा जीवन जी रहे हैं उनके विरोध में तो नहीं है?
हमसे क्या मतलब? कौन क्या कर रहा है? मुझे जीवन जीना है। मेरे जीवन पर मेरा अधिकार है। मैं कैसे जीवन जिऊंगा यह मैं तय करूंगा — कोई और तय थोड़ी ना करेगा। हम ना किसी का विरोध करते हैं, और हमारा कोई विरोध करे तो मैं बर्दाश्त भी नहीं करता। जिस देश में रहते हैं उसके कानून के खिलाफ अगर कार्य करेंगे तो कार्रवाई होगी — कानून का होगा। कोई व्यक्ति विशेष/संप्रदाय/समूह को किसी पर कार्रवाई करने का अधिकार नहीं। सबका अपना-अपना जीवन जीने का अधिकार है। किसको कैसे जीवन/कपड़े पसंद — वह तय करेगा। जब गलत करेगा तो परिणाम भोगना पड़ेगा।
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