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प्रश्नोत्तर P19-0046 · भाग 19

गुरु जी, जीवन ही गुरु है — प्रकृति, जानवर, मनुष्य, जिससे जो समझे सब गुरु हैं; क्या हम जानवरों से भी सीख सकते हैं?

गुरु शब्द है, शरीर नहीं; आज तक जिसने बोला, शब्दों के द्वारा ही बोला। जानवर से भी सीख सकते हो, पर वहां भी कुछ टकराव हुआ, तभी सीखे — टकराने से जो ध्वनि निकलती है उसे शब्द कहते हैं; कभी-कभी शब्द नहीं निकलता, फिर भी अंदर शब्द बनते हैं — हर तरह से शब्द ही सिखा रहे हैं।

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29