आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P19-0044 · भाग 19

गुरु जी, आपने कहा "गुरु शब्द है" — इसे खोलकर समझाएं। जिनके गुरु का शरीर नहीं रहा या जो गुरु से मिल नहीं पा रहे, वे क्या करें?

पूरे विश्व में पानी एक ही जगह से आता है, नल (निमित्त) अनेक हैं — किसी ने छोटा नल लगाया तो इतना पानी, बड़ा लगाया तो उतना; जैसा जिसका शरीर, वैसा ज्ञान निकल रहा है। ऐसे ही गुरु ज्ञान का प्रतीक है, गुरु एक स्थिति है, कोई व्यक्ति विशेष नहीं; गुरु एक होता है, ज्ञान एक ही जगह से आ रहा है। शरीर खत्म हो गया, तो जहां से ज्ञान मिले, ज्ञान लेकर आगे बढ़ो।

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29