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प्रश्नोत्तर P18-0184 · भाग 18

गुरु जी, पूरी जिंदगी भौतिकवाद में मेहनत करके जो चीजें हासिल कीं, अब उनका उपयोग करना क्या कामना में आएगा?

पहले कामना को समझो — योग्यता से ज्यादा चाहिए, वह कामना है; आपकी जरूरतें कामना नहीं। शरीर को भोजन चाहिए, पर भोजन मेरे ही तरीके से चाहिए — वह कामना; शरीर को ठंड-गर्मी में कपड़ा चाहिए, पर मेरे तरीके से चाहिए — वह कामना। जो आपने संघर्ष करके कमाया, अगर बेईमानी से कमाया तो वह कामना में आएगा, ईमानदारी से कमाया तो वह कामना नहीं है। अगर आपका जीवन अशांत है, उथल-पुथल है, तो समझ लो आपने कर्म के प्रति ईमानदारी नहीं, बेईमानी की है। ईमानदारी होती तो वे वस्तुएं और व्यवस्थाएं आपको सुकून और शांति देतीं। जिस दिन गलत काम किया, उस रात बेचैनी होती है, उठने के बाद भी बेचैनी रहती है।

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वीडियो: स्वाभाविक आत्मा का गुण क्या है / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-09-29