आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P18-0169 · भाग 18

गुरु जी, विचार सूक्ष्म हो जाने से क्या होता है? और आत्मज्ञान के बाद शरीर, मन और अंतःकरण में कैसे परिवर्तन आते हैं?

कुछ नहीं — विचार छोटा या बड़ा नहीं होता, विचार विचार होता है; आप तुलना में फंस गए हो। किसी नाव में एक छेद है, किसी में 99 — दोनों एक-दूसरे पर हंस रहे हैं, पर परिणाम दोनों का एक ही होगा, किसी का पहले किसी का बाद में। बुद्धिमानी यह थी कि एक छेद वाला अपना छेद पाटकर दूसरे को अपनी नाव में खींच लेता — "तू पानी निकाल, मैं चलाता हूं" — और दोनों बच जाते। हम एक-दूसरे के पूरक हैं; एक-दूसरे का सहयोग करें तो कुछ भी हो सकता है। और आत्मज्ञान के बाद क्या होगा — पहले आत्मज्ञान तक की यात्रा तो करो; जैसे विवाह के बाद बच्चे, फिर पढ़ाई, फिर उनकी शादी — वही होता रहेगा। आत्मज्ञान के बाद बस इतना होगा — कुछ नहीं होगा, वही आप मिलोगे।

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वीडियो: जब मैं छोटे दायरे को तोड़ा ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-12-22