प्रश्नोत्तर P18-0144 · भाग 18
गुरु जी, मेरा सबसे ज्यादा लगाव मां से है, हालांकि माता-पिता का झुकाव छोटे भाई की तरफ है; मैं कहता हूं पूरी संपत्ति उसे दे दो, मुझे नहीं चाहिए, मैं अपना कर्तव्य करूंगा — क्या यह ठीक है?
अगर सच में मां आपको बच्चे और पत्नी से भी ज्यादा प्रिय है और उस तरीके से सेवा करते हो, तो बहुत बड़ी बात है — ज्यादातर लोग बस बोलते हैं, हॉल में फोटो लगाकर माला चढ़ाते हैं। देखो दिन में कितना समय मां के पास बैठते हो, बात करते हो। अगर इस भाव में जीते हो तो बस ईमानदारी अपना लो, सत्कर्म अपना लो — तो आप घर में ही साधना कर रहे हो। पर जांच लेना, यह बहुत सूक्ष्म है — लगाव क्यों है, कहीं उसके पीछे धन-वैभव या बंटवारे की कोई बात तो नहीं। कर्तव्य को ईमानदारी से करना, यह ध्यान रहे — कर्तव्य निभाने में कभी बेईमानी मत करना, नहीं तो फंस जाओगे।
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वीडियो: जब मैं छोटे दायरे को तोड़ा ? / #योगीजी_का_सत्संग · 2024-12-22