प्रश्नोत्तर P17-0182 · भाग 17
गुरु जी, क्या जरूरत में जीने से भोगने की इच्छा समाप्त हो जाएगी — और नया नहीं बनेगा, पुराना छूट जाएगा? क्या ईमानदारी से कर्म करने पर कर्ज चुकता होता रहता है?
हां, एकदम — ईमानदारी और सत्कर्म के साथ; सत्कर्म मत छोड़िए। अगर ईमानदारी से कर्म के साथ आप जरूरत में जी रहे हैं, तो एक समय ऐसा आएगा कि नया तो बनेगा ही नहीं और पुराना खत्म हो जाएगा — बचोगे तुम।
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वीडियो: मूल से मेरा हटना कैसे हुआ ? रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2025-12-21