प्रश्नोत्तर P17-0156 · भाग 17
गुरु जी, भ्रमण में भोजन और ठहरने के बारे में क्या ध्यान रखना चाहिए?
भ्रमण में एक बार आप किसी से कैसा भी भोजन ग्रहण कर लो, दोष नहीं होगा; पर उसी व्यक्ति से दूसरी बार लेना हो तो देखना पड़ेगा कि वह कमाकर कहां से लाता है — इतना कौन बताएगा? इसलिए अध्यात्म में हो तो दूसरी जगह मांग लो। पहली बार वह अपरिचित को खिलाता है, दूसरी बार परिचित को, और तीसरी बार कोई उपाय पूछेगा — फिर आप उसके हो गए। इसीलिए भ्रमण में कहा गया है कि तीन दिन से ज्यादा कहीं मत रुकना — शरीर थका हो या स्वास्थ्य खराब हो तो तीसरे दिन रुक लो, पर चौथे दिन चाहे कुछ भी हो, वह जगह छोड़ दो; नहीं तो गांव में तेरा-मेरा, राग-द्वेष हो जाएगा। बड़ी सूझबूझ के साथ यात्रा करिए — फंसाने वाली समझ विकसित की थी, अब छुड़ाने वाली समझ विकसित करो।
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वीडियो: मूल से मेरा हटना कैसे हुआ ? रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2025-12-21