आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P17-0111 · भाग 17

गुरु जी, यहां आकर जो आनंद मिला है, वह छिन ना जाए — जहां भी रहें, किस बात का ध्यान रखें?

जहां भी रहना, अपना ख्याल रखना — पहले अपने आप को रखना, बाद में कुछ और। कुछ के लिए अपने आप को मत खोना, मत गिराना। आपका आपसे मिलना हुआ है, इसे संभालकर रखना। कुछ मिला तो भी ठीक, नहीं मिला तो भी ठीक — कम से कम मैं तो हूं। जैसे ही आपने कुछ और को पहले रखा, आप गए — जाने में टाइम नहीं लगता, आने में बहुत टाइम लगता है। ईमानदारी से जीवन जीना, सत्कर्म में लगे रहना। और बेमतलब की हंसी में आप कितने सुंदर हो — वह सुंदरता आपके स्वयं की है, मतलब की होती तो जाती भी।

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