आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P16-0025 · भाग 16

मुझे आत्मज्ञान हो गया है, अब आध्यात्मिक ज्ञान बांटने की इच्छा है, लेकिन मां-पिता सभी खिलाफ हैं। मेरा ना नौकरी में मन है, ना किसी चीज में।

पहले मात-पिता को बांटो — पकड़ के बांटो। उसके बाद संसार में निकलो: गांव हैं, क्षेत्र है, रिश्तेदार हैं, कोई तो सुनेगा; या कहीं बैठ जाओ। जैसे हम घूम-घूम के बोलते थे — कभी इस गांव, कभी उस गांव, कभी शौचालय के सामने, कभी बस में, कभी ट्रेन में; एक बात चालू हो गई तो पूरा खत्म करके छोड़ते थे। घर से शुरू करो — पहले मां-बाप को, फिर पड़ोसी को। लेकिन आत्मज्ञान बांटना, अध्ययन का ज्ञान मत बांटना, यह ध्यान रखना — प्रत्यक्ष बांटना। अगर कोई पूछे "कहां लिखा है" और आप कहो "इस बुक में लिखा है, जाके पढ़ लेना", तब समझ लो आप ज्ञान बांट रहे हो, आत्मज्ञान नहीं। ज्ञान से इस समय बहुत लोग परेशान हो गए हैं।

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वीडियो: कोई प्रश्न ना होने के बाद कौन सा प्रश्न होना चाहिए ? #yogijikasatsang #आध्यात्मिकप्रत्यक्षज्ञान · 2026-06-16