आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P15-0111 · भाग 15

आप कहते हैं ज्ञान होने के बाद कोई ध्यान करने की जरूरत नहीं, पर शिव जी तो हमेशा ध्यान में ही रहते हैं?

जाकर उनसे मिलिए, पूछिए; मुझे इतना समझ में आया, मैंने बता दिया। वो कर्म से मुक्त होके अपने आप में हैं, वो अकर्ता हैं। आप कर्म में हो, तो आँख बंद करके बैठोगे तो कुछ नहीं होगा। पहले कर्म करने में जो कर्ता का भाव आ रहा है, उस कर्तापन से छुड़ाओ, जहाँ-जहाँ फँसे हो वहाँ से छुड़ाओ, तब ना आप स्थिर बैठ पाओगे। वो ध्यान कर नहीं रहे हैं, वो अपने आप में हैं।

सत्संग वीडियो देखेंऐप में खोलें

वीडियो: इतनी पूजा पाठ भक्ति करते हैं लेकिन दुख क्यों आते हैं ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #आध्यात्म · 2026-08-10