प्रश्नोत्तर P15-0066 · भाग 15
कहते हैं कैलाश पर भी ओम का नाद हो रहा है — ओम को कैसे समझ सकते हैं?
ओम को समझना है कि अपने आप को? हमें अपने आप को समझना है, तो बस ओम को छोड़ दो। बिना अपने आप को समझे ओम को कैसे समझोगे? सिर्फ एक जानकारी रहेगी। एक ही रास्ता है — अपने आप को समझ लो, तो सबको समझ लोगे। और सबको समझना चाहोगे तो अपने आप से वंचित रह जाओगे। ऊर्जा एक ही जगह लगा सकते हो — बाहर लगा दी तो अंदर नहीं, अंदर लगाई तो बाहर नहीं।
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वीडियो: इतनी पूजा पाठ भक्ति करते हैं लेकिन दुख क्यों आते हैं ? #प्रत्यक्षज्ञान #yogijikasatsang #आध्यात्म · 2026-08-10