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प्रश्नोत्तर P14-0147 · भाग 14

बुरी आदतें कैसे छोड़ी जा सकती हैं? सत्कर्म के बारे में विस्तार से बताएँ।

बुरी आदतें एकदम सीधा-सीधा छोड़ी जा सकती हैं — करो ही मत। छोड़ने की भी जरूरत नहीं, बस करना बंद कर दो; और करो तो उसका परिणाम भोगो। सत्कर्म का मतलब जरूरतमंद की सेवा। जैसी आपकी क्षमता हो, घर पे कई लोगों का भोजन बना लिया और निकल गए कि जो भूखा मिलेगा उसे खिला देंगे — यही सत्कर्म करने का एकदम सही तरीका है, क्योंकि कौन मिलेगा आपको पता नहीं। ठंड में एक कंबल लेके निकल गए, जरूरी नहीं कि एक ट्रक लो; जितनी सामर्थ्य परमात्मा ने दी है। निष्काम शुरुआत में नहीं बनेगा, भले पुण्य का भाव बने, बनने दो; ना करने से करना ठीक है। ये प्लानिंग ठीक है, किसी का पेट भर रहा है, किसी का छीन तो नहीं रहे। जरूरतमंद के लिए भाव है, मान के लिए नहीं निकले हो; भाव में ईश्वर का वास है। जरूरतमंद को भोजन करा दोगे तो उसके रोम-रोम से आशीर्वाद निकलेगा।

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वीडियो: कर्ता कौन है, अकर्ता कौन है ?| Who is the Doer ? Who is the Non-Doer ? #yogijikasatsang · 2026-05-18