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प्रश्नोत्तर P14-0145 · भाग 14

गुरुदेव, आपको ठंड महसूस नहीं होती? आपने शरीर को ऐसा कैसे बनाया है?

बनाया क्या है, एक व्याकुलता, एक तड़प। जब किसी माँ का बालक गुम हो जाए तो वो ठंड देखेगी कि भागेगी? उसे ठंड-गर्मी कुछ नहीं लगेगी। कुत्ते के मुँह पर घाव हो जाता है तो वो भोजन वगैरह कुछ नहीं देखता। तो अगर कोई खोजी है तो उसे क्या ठंड क्या गर्मी, उसकी खोज के अलावा उसे कुछ दिखता नहीं; फिर शरीर ने भी पहचान लिया है। अब जैसे दो कपड़े रखूँ, तो उन्हें सँभालने के लिए भी समय चाहिए; उसको समय क्यों दूँ? लोग कपड़ा बाहर सुखाते हैं, हम शरीर पे सुखाते हैं। जीवन में अगर कुछ करना है तो स्वयं की जरूरतें पहले कम करनी पड़ेंगी, जितने में आप जी सको; तभी आप समाज के लिए कुछ कर सकते हो। सेवा के नाम पे मेवा खाना आसान है, सेवा के नाम पे मिटना आसान नहीं। मैंने धीरे-धीरे अपनी जरूरत एकदम कम कर दी; जितने में शरीर चल जाए उतना लेता हूँ और काम करता हूँ।

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