प्रश्नोत्तर P14-0102 · भाग 14
गुरु जी, कर्म-बंधनों से मुक्त कैसे हों?
जैसे आपने बेईमानी कर करके बंधन बांधा है, वैसे ही ईमानदारी करके बंधन को छुड़ाओ, और सत्कर्म में अपने आप को लगा दो। बिना इच्छा-अपेक्षा की निष्काम सेवा करो — जिस लायक आप हो, उस लायक सेवा करिए।
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वीडियो: ईश्वर सर्वव्यापी है इसका क्या मतलब है / #ईश्वर #सर्वव्यापी · 2024-04-10