आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान · ऐप में खोलें

प्रश्नोत्तर P14-0083 · भाग 14

गुरु जी, माया में माया के ही उपाय लगते हैं — क्या यह सही है?

मेरा में फंसे हैं, तो मेरा का उपयोग करके मेरा से अपने आप को छुड़ा लेना है। हम मेरे लोगों में नहीं फंसे, मेरे तरीके से कुछ चाहिए — शब्द, दृश्य, गंध, रस, स्पर्श, यह पांच तरह से सुख चाहिए — अपने तरीके में फंस गए हैं। हम अपने तरीके से कुछ ढूंढ रहे थे, इस 'कुछ' में फंस गए; इस 'कुछ' का सदुपयोग करके इस कुछ से अपने आप को निकाल लो — यही ज्ञान है। उसमें जीना पड़ेगा; बस शब्दों का ज्ञान लेकर दौड़ोगे तो उस ज्ञान के नाम से अहंकारी हो जाओगे।

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वीडियो: ईश्वर सर्वव्यापी है इसका क्या मतलब है / #ईश्वर #सर्वव्यापी · 2024-04-10