प्रश्नोत्तर P13-0179 · भाग 13
गुरु जी, क्या मात्र अंतर्मुख होकर अपने विचारों को देखने से आसक्ति, द्वेष, काम, क्रोध, अहंकार समाप्त हो सकते हैं, या साथ में ईमानदारी-सत्कर्म भी हो?
ईमानदारी-सत्कर्म से होगा। ये सब निमित्त नहीं।
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वीडियो: बिना सूचना के परिचितों के बीच में...! #yogijikasatsang · 2025-06-25