प्रश्नोत्तर P13-0152 · भाग 13
गुरु जी, मुझे जानवर पालने की इच्छा थी। मैंने एक बिल्ली पाली; फिर उसने बच्चे दिए, पांच-छह हो गए, सारे खानदान ने मुझ पर थोप दिया कि इनका क्या करेगा। मैं उन्हें फेंक भी नहीं सकता था, खिला भी नहीं पा रहा था, और फिर मैं उन्हीं बिल्लियों से चिढ़ने लगा।
देखो, एक बार प्यार से पालना चाहे और फिर चिढ़ने लगे — मतलब तुम्हें घुटन हो रही थी। तुम उसके द्वारा अपनी घुटन को हटाए, लेकिन वो ज्यादा देर तक अच्छा नहीं लगेगा, क्योंकि तुम्हारी घुटन कहां से है? तुम कभी किसी में थे, वही घुटन का कारण बना; ये भी घुटन का कारण बनेगा। इसलिए अपनी समझ को विकसित करो और जरूरत में जीना चालू करो। अपनी समझ को विकसित करो कि मैं अगर यह चाहता हूं तो क्यों चाहता हूं, उसके पीछे कारण क्या है। अगर मैं अपनी जरूरत पूरी करने के लिए इसको चाहता हूं, तो कभी वो मुझ पर बोझ बन जाएगा। अगर मैं उसके लिए उसको चाहता हूं, तब तो वो कभी बोझ नहीं बनेगा। लेकिन मैं अपनी पूर्ति के लिए उसको चाहता हूं, तो एक दिन मेरी पूर्ति हो जाएगी और वो मुझे घुटन देगा।
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वीडियो: किसकी जरूरत में मैं कर रहा हूं #योगी · 2026-08-14