प्रश्नोत्तर P13-0108 · भाग 13
मैं आध्यात्म के लिए बनी हूं पर अटकी हुई हूं, क्योंकि मेरे मां-बाप राक्षस प्रवृत्ति के लोग हैं। उनको छोड़ने से डरती हूं।
डरती हो इसलिए कि सामर्थ्यवान नहीं हो। पहले सामर्थ्यवान बनो। सामर्थ्यवान बनना बहुत जरूरी है। जब सामर्थ्यवान बनोगे तभी जीवन में कुछ कर पाओगे।
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