प्रश्नोत्तर P13-0092 · भाग 13
इसी जीवन में करना है — लेकिन जब कर्ता भाव आ जाता है तो भय आता है कि करना है, फिर अधूरा रह जाता है क्योंकि पाने की चाहत हो जाती है; क्या करें?
यहां तो छोड़ने के लिए छोड़ना है। यहां पाना कहां है — उम्मीद छोड़ना है; यहां पाना नहीं, पाने से मुक्त होना है। कुछ चाहिए ही नहीं — खत्म ही है, बस यही फाइनल। कुछ नहीं चाहिए स्थिति में आ जाना है। कुछ नहीं चाहिए का भाव मैंने बनाया था 2011 में; 19 में सब खत्म हो गया और 20 में कुछ नहीं चाहिए में आ गया।
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वीडियो: उम्मीद छोड़ दो ! समझ के अपने आप को निकालो --आध्यात्मिक प्रत्यक्ष ज्ञान योगी #yogiji ka satsang - · 2025-07-08