प्रश्नोत्तर P13-0045 · भाग 13
स्वामी जी, आपका ज्ञान एकदम आसान है — इंसान अगर समझ ले, तो उसके लिए जीते-जी मोक्ष है।
एकदम प्रत्यक्ष है। मैंने प्रत्यक्ष मार्ग ढूंढा, क्योंकि मार्ग तो बहुत सारे थे, लेकिन किसी मार्ग से किसी का पहुंचना मैं देख नहीं पा रहा था — यह मुझे समझ में आया, क्योंकि मेरी भी खोज थी। लोग बड़ी आसानी से कहते थे — मौन हो जाओ, कर्ता का भाव छोड़ दो, समर्पण कर दो, राग-द्वेष, इच्छा-अपेक्षा छोड़ दो। अरे भाई, ठीक है, पर व्यक्ति छोड़ना तो चाह रहा है, लेकिन छोड़े कैसे? करे कैसे? तो फिर मैंने कहा, प्रत्यक्ष मार्ग ढूंढो।
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वीडियो: 16 सुबह अपनों की कुटिया हरियाणा यमुना तट #योगी · 2026-10-09