प्रश्नोत्तर P13-0014 · भाग 13
नेति-नेति का अर्थ, गुरुदेव, आज तक कोई समझ नहीं पाया; ऋषि-संत भी अभी तक उसका पार न पाए।
देखिए, अब आप एक बात बताइए — अगर समझा नहीं होता, तो बोलते कैसे? किसी ने समझा, देखा, तभी तो उसके बारे में बोल रहे हैं। शब्द, दृश्य, गंध, रस, स्पर्श से परे है वह — इसका मतलब किसी ने उसके ऊपर उठकर देखा है। देखा है तभी तो बोला; मिला है तभी तो कह रहा है। नेति-नेति मतलब सब वही है, वही है — पर कहना बड़ा आसान है, उस तक पहुंचना आसान नहीं है।
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