प्रश्नोत्तर P11-0140 · भाग 11
क्या ऐसे समझ सकते हैं कि जहां राग है वहां हमारा लेनदेन बाकी है, और जहां वैराग्य है वहां लेनदेन क्लियर हो गया?
अब देखना यह है कि जहां राग है, हो सकता है वहां नया लेनदेन कर रहे हो। हमें राग-द्वेष से मुक्त होना है, ईमानदारी से जीवन जीना है; अपनी योग्यता से ज्यादा पाने की इच्छा का त्याग करोगे, तो राग होगा ही नहीं। यह बहाना मत बनाओ कि पीछे का है, जबकि नया तैयार कर रहे हो। नया बनाना, पैदावार बंद करो, पिछला खत्म हो जाएगा। ईमानदारी-सत्कर्म से जियो; जितनी आपकी योग्यता है उतना मिल जाएगा, और चाहिए तो उसके लिए काम करो।
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वीडियो: 11 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2026-01-11