प्रश्नोत्तर P11-0078 · भाग 11
"मन मरा ना माया मरी, मर-मर गया शरीर; आशा तृष्णा ना मरी, कह गए दास कबीर" — आप अपने वक्तव्य में समझाएं।
मैं क्या समझाऊं, वे समझा के ही गए हैं। उसकी व्याख्या भी तो उन्होंने की होगी; वहां जाकर व्याख्या पढ़ लेना। कोई श्लोक है तो उसके नीचे व्याख्या भी होती है, आगे-पीछे पढ़ लेना।
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वीडियो: 18 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2026-01-18