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प्रश्नोत्तर P11-0034 · भाग 11

"मैं ही करता हूं, मैं ही कर रहा हूं" — ऐसा मुझे क्यों फील होता है?

इसलिए कि आपको लग रहा है मैं कुछ हूं, और आप कुछ बनना चाहते हो; जब तक बनने की भावना अंदर है, तब तक लगता है मैं कर रहा हूं। अपनी समझ से देखो — कर्ता तो आप हो नहीं; स्थिति-परिस्थिति, जरूरत में आप करते हो। भूख लगी, भोजन कर लिया — लगता है मैं खा रहा हूं; पर पेट भरने के बाद खाकर बताओ — जबरदस्ती करना पड़ेगा, घुटन, बेचैनी, अशांति होगी। प्यास बुझ गई, फिर पानी पीकर बताओ। कोई भी कार्य आप जरूरत में करते हो, तो कर्ता कहां हुए? जरूरतें करवा रही हैं। कर्ता तो मान बैठे हो — यही अज्ञानता है; और इसलिए मान बैठे कि आपको साबित करना है कि मैं कुछ हूं।

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वीडियो: 18 जनवरी 2026 रविवार प्रश्नोत्तरी #योगी · 2026-01-18