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प्रश्नोत्तर P11-0018 · भाग 11

अध्यात्म में हमारा पहला कदम है, बहुत डर लगता है — जैसे केजी वन में एडमिशन लेने वाला बालक घबराता है, कि कहीं गलती ना हो जाए।

यहां तो कोई गलती हो ही नहीं सकती। यहां कोई डांटता नहीं; यहां गलती को सुधारा जाता है। ऐसा ना हो कि यह डर आपको कभी रुकने ना दे; गलती होने दो, आओ, सात दिन रहो, कुछ समझो। यहां किसी से आपस में बात नहीं करनी है, अपना बनाना-खाना है, तो गलती क्या होगी? यहां सब स्वतंत्र हैं, किसी के अधीन जीवन नहीं है। कोई यह भी नहीं कहेगा कि स्वाद सही नहीं है, क्योंकि आपको ही बनाना-खाना है, और अपने हाथ की जली रोटी भी अच्छी लगती है। जब खुद बना के खाओगे, तो घर जाओगे तो पत्नी की भी इज्जत करोगे। यहां गलती होगी तो आपको नहीं निकाला जाएगा, आपकी गलती को निकाला जाएगा; कोई गलती बताएगा तो गलती निकालने के लिए, आपको गिराने के लिए थोड़ी ना।

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वीडियो: रविवार प्रश्नोत्तरी 22 फरवरी 2026 #योगी · 2026-02-22